तिलक लगाने से क्या होता है?/Tilak kyu lagate he?


  माथे पर तिलक,Tilak लगाने से क्या होता है?Tilak kyu lagate he?

क्यों लगाते हैं तिलक,Tilak? क्या कोई खूबसूरत दिखने के लिए ही माथे पर तिलक,Tilak लगाता है? या किसी को दिखाने के लिए  कोई तिलक,Tilak लगाता है ?क्या है इसके पीछे का कारण? क्या तिलक लगाने के पीछे कोई धार्मिक या विज्ञानिक महत्व भी है ?क्या माथे पर तिलक,Tilak लगाने से हमारे शरीर पर कोई प्रभाव पड़ता है? आज के इस लेख में इसी विषय पर बात करेंगे। हमारे सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि जिस स्थान पर तिलक लगाया जाता है उसी जगह पर भगवान विष्णु का वास होता है?
  तिलक,Tilak लगाने से अपितु धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी फायदा होता है।
तिलक लगाने से क्या होता है?/Tilak kyu lagate he?
tilak kyu lagate he?
हमारे हिंदू धर्म में तिलक कई प्रकार के होते हैं ,आमतौर पर चंदन ,कुमकुम, सिंदूर ,रोली ,हल्दी आदि का तिलक,Tilak करने का विधान है । सामान्य तौर पर हिंदू धर्म में कोई सुबह नहा धोकर पूजा करने के बाद तिलक लगाता है , या तो कोई धार्मिक कार्य करने के पश्चात तिलक करते हैं ।हमारे  हिंदू धर्म में तिलक करने के क्या-क्या फायदे होते हैं क्या कहता है विज्ञान और क्या कहते हैं हमारे धर्म ग्रंथ।
*  जो व्यक्ति प्रतिदिन अपने ललाट पर तिलक करता है उसके चेहरे पर एक चमक आ जाती है चेहरा खिल             उठता है। also readBhagwaan Mujhe Dukh Kyu Dete He. भगवान मुझे ही दुःख क्यों देते है?   
*   ललाट पर तिलक करने से मन को बड़े ही सुकून मिलता है शांति मिलती है और क्रोध आना
     भी कम हो जाता है।     
*   जो पुरुष नित्य अपने ललाट पर तिलक करता है उसको कभी भी सिर में दर्द नहीं होता है।
*    नित्य चंदन लगाने से लगाने से मन मस्तिष्क कभी विचलित नहीं होता है और सदा अच्छे कामों में मन लगता       है।     
*   ऐसी भी मान्यता है कि जिस घर के लोग रोज सुबह नहा धोकर भगवान की पूजा अर्चना करके ललाट पर             तिलक धारण करते हैं तो उस घर मे  सदा शांति बनी रहती है और लक्ष्मी का वास भी होता है ।उस घर में           कभी अशांति नहीं होती है।      
*   जो व्यक्ति नित्य ललाट पर चंदन लगाता है उसको  कभी आपदा जैसी संकटों का सामना नहीं करना पड़ता है ।   उसके सारे मार्ग सुगम हो जाते हैं। also readहिन्दू धर्म के प्रमुख पर्व।Hindu Dharma K Chaar Parva
*    हम जिस स्थान पर तिलक लगाते है उसको स्थान को आज्ञा चक्र कहा जाता है  । उसी आज्ञा चक्र में तिलक       करने से हमारा मन और मस्तिष्क कभी विचलित नहीं होता है।            
*   विज्ञान भी इस बात को मानता है कि जो रोज सुबह नाहा धोकर अपने ललाट में तिलक करता है तो  उसके         दिमाग मे सेराटोनिन व बीटाएंडोरफिन नामक रसायनों का संतुलन बना रहता है।         
     सभी को रोज सुबह तिलक करना चाहिये ।अगर उसी तिलक को बिशेष मंत्र द्वारा लगाया जाये  तो बिशेष           रूप से लाभ होता है।      

तिलक लगाने का मंत्र tilak lagane ka mantra

केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम ।

पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु ।।
कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम् ।

ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम् ।।


ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। 

स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो ब्रिहस्पतिर्दधातु ॥