21 जून 2021

संस्कृत में रिश्तों के 70 नाम । Sanskrit me rishto ke naam । Relatives Name in Sanskrit

 Sanskrit me apane sage sambandhiyo ke naam | Relative name in sanskrit | संस्कृत में रिश्तों के नाम

आज हम संस्कृत में अपने सगे सम्बन्धितयों के नाम देने जारहे है sanskrit me sage sambandhi ke nam जानकर आपको बहुत प्रसन्नता होगी । हम हिंदी भाषा मे सभी सम्बन्धितयों के नाम को जानते है लेकिन sanskrit me apano ke naam hame nahi pata

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संस्कृत के हरेक शब्द में अमृत छुपा हुआ है अगर हम संस्कृत में किसी को गाली भी दे न तो उसे सुनने में बहुत अच्छा लगता है इसलिये संस्कृत सभी को आना चाहिये।

हमारा दुर्भाग्य है हमे संस्कृत नही आती जितनी मेहनत हम दूसरे भाषा को सीखने में करते है काश  उसका थोड़ा सा भी संस्कृत भाषा मे मेहनत करते तो आज हमारे देश का हरेक आदमी संस्कृत बोल पाता।

क्यों जरूरी है संस्कृत में रिश्तों के नाम जानना । kyu jaruri hai sanskrit me sage sambandhi ke naam  janna

Ourbhakti.com का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि लोग अपने सनातन धर्म को जाने जीवन जीने के लिये जो मार्ग हमारे ऋषि मुनियों ने बताया है उसका अनुसरण करें । आज हर कोई दुःखी है। इंसान के दुखी होने का सबसे बड़ा कारण अपने ही सगे संबंधी होते है।


 बेटा अपने बाप की इज्जत नही करता पति पत्नी में लड़ाई झगड़े होते है। वाणी पवित्र नही है मुह में जो आया बोल दिया। बाप को बेटा डेड कहता है मम्मी मो मोम कहकर बुलाता है कहा गये वो संस्कार जो हमारे ऋषियों ने हमे दिया था।

अगर रिस्तो को मजबूत करना है तो अपने सगे संबंधियों को उस नाम से पुकारिये जो नाम हमारे ऋषियों ने हमे दिये है अपने पापा को पिताश्री या जनक नाम से संबोधित कीजिये अपने माँ को माता श्री कहकर पुकारिये अपने भाई को भ्राता कहिये फिर देखना आपको अपनो से इतना प्यार मिलेगा आप सोच भी नही सकते ।


 आपके जितने भी सगे संबंधी है उन सब को संस्कृत वाले नाम से पुकारिये । आपकी सरलता के लिये हम ने कुछ  sanskrit me sage sambandhi के नाम लिखे है आप नीचे से संस्कृत में अपने सगे संबंधियों के नाम को पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते है।

Sanskrit me risto ke aur sage sambandhi yo ke naam । संस्कृत में रिश्तों के और सगे सम्बन्धितयों के नाम

हिन्दी संस्कृत
पिता पिता, जनक:
माँ माता, जननी 
भाई भ्राता 
बड़ा भाई अग्रज: 
छोटा भाई अनुज:
सगा भाई सहोदर:
चचेरा भाई पितृव्यपुत्र:पितृव्यज:
ममेरा भाई मातुलपुत्र:/मातुलेय:
फुफेरा भाई पैतृष्वस्रीय:/पैतृष्वसेय:
मौसेरा भाई मातृष्वस्रीय:/मातृष्वसेय:
सौतेला भाई विमातृज:
बहिन भगिनी/स्वसा
बड़ी बहिन अत्तिका/अग्रजा
छोटी बहिन अनुजा 
सगी बहिन सहोदरा
पति पति:/भर्ता/वर:
पत्नी अर्धाङ्गिनी
चाचा पितृव्य:/तातक:
चाची पितृव्या,पितृव्याणी
बड़े पापा प्रतात:,ज्येष्ठतात:
बड़ी अम्मा ज्येष्ठाम्बा,अम्बाला
मामा मातुल:
मामी मातुली,मातुलानी 
मित्र मित्रम्
फूफा पितृष्वसृपति:
फुफू पितृष्वसा 
मौसा मातृष्वसृपति:
मौसी मातृष्वसा 
भौजी भ्रातृजाया/प्रजावती
साला श्याल:
साली श्याली/श्यालिका
बहनोई आवुत्त:/भगिनीपति:
देवर देवर:, देवा
देवरानी याता
जेठ ज्येष्ठ:,पत्यग्रज: 
जेठानी ज्येष्ठा
ननद ननन्दा
समधी सम्बन्धी
समधिन सम्बन्धिनी
सास श्वश्रू:
ससुर  श्वसुर: 
दामाद जामाता
पतोहू  पुत्रवधू:, स्नुषा
बेटा पुत्र:,तनय:, सुत:
सगा बेटा औरस:,उरस्य:
बेटी पुत्री, तनया,सुता
धेवता दौहित्र:
धेवती दौहित्री/नप्त्री
पोता पौत्र:
पोती पौत्री
भतीजा भ्रातृव्य:/भ्रातृज:
भतीजी भ्रातृसुता/भ्रातृव्या
भानजा भागिनेय:/स्वस्रीय:
भानजी भागिनेयी/स्वस्रीया 
दादा पितामह
दादी पितामही
परदादा प्रपितामह:
परदादी प्रपितामही
नाना मातामह:
नानी मातामही
परनाना प्रमातामह:
परनानी प्रमातामही 
प्रेमी जार:/उपपति:
प्रेमिका प्रेमिका/उपपत्नी
दोस्त सखा/मित्रम्
सहेली आलि:/वयस्या/सखी
मालिक स्वामी
नौकर भृत्य:/सेवक:
नौकरानी भृत्या/सेविका
आदमी मनुष्य:,नर
मर्द पुरुष:
मादा मातृ
महिला ललना, नारी, स्त्री 
औरत महिला स्त्री
जवान स्त्री युवती
विधवा मृतभर्तृका
पतिव्रता स्त्री साध्वी/ सच्चरित्रा
खानदानी सगोत्र: 
रिश्तेदार ज्ञाति:, बन्धु:
घनिष्ठ अन्तरङ्ग:, निकटतक:
कुँवारी कन्या का पुत्र कानीन:
सुहागिन स्त्री सौभाग्यवती स्त्री
दुलारा प्रिय:

  हम आशा करते आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको संस्कृत में संबंधियों के अन्य नाम चाहिये या संस्कृत विषय से सम्बंधित कोई दूसरी जानकारी चाहिये तो कमेंट में पूछ सकते हैं 

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