सूर्य ग्रहण में क्या करे? कब हैं सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण में क्या करे? कब सूर्य ग्रहण? क्या सावधानिया रखे?

सूर्य एक आत्मा कारक ग्रह है सूर्य ही साक्षात ऐसे ग्रह है जो दिन में दिखाई देता है सूर्य की ऊर्जा है इसीलिए धरती में जीवन है ऐसे में हमें सूर्य के हर एक गतिविधियों को जानना चाहिए
26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण है ऐसे में हमें किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए सूर्य ग्रहण के दौरान हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए आज हम जानेंगे।
26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण है

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अनेक विद्वान ज्योतिषियों  के  मत अनुसार  सूर्य  ग्रहण  गुरुवार 26 दिसंबर को प्रातः काल लगभग 8.17 बजे से 10.57 बजे तक सूर्यग्रहण दिखेगा  ग्रहण का सूतक समय 25 दिसंबर बुधवार की शाम 5.32 बजे से ही शुरू होगा और  यह ग्रहण की समाप्ति तक चलेगा । सूतक हमेसा सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले ही  लग जाता है।
सूर्य एक आत्मा कारक ग्रह है सूर्य ही साक्षात ऐसे ग्रह है जो दिन में दिखाई देता है सूर्य की ऊर्जा है इसीलिए धरती में जीवन है ऐसे में हमें सूर्य के हर एक गतिविधियों को जानना चाहिए

सूर्यग्रहण - 26/12/2019 गुरुवार
 सुबह 8 बजकर 17 मिनिट से 10 बजकर 57 मिनिट तक
सूतक काल:- 25 दिसंबर को शाम 5.32 में शुरू होगा 


सूर्यग्रहण में सावधानिया


  • जब ग्रहण का समय चल रहा हो तो उस समय हमें कुछ सावधानियों पर ध्यान देना चाहिए
  •  ग्रहण के समय नग्न आंखों से सूर्यको नहीं देखना चाहिए
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय घर से बाहर न निकले
  • अगर आपको ग्रहण के दौरान सूर्य को देखना हो तो विशेष चश्मे का प्रयोग करें
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार जब सूर्यग्रहण चल रहा हो तो उस समय चाकू छुरि या  तेज धार वाली किसी भी वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए
  • सूर्य ग्रहण के समय भोजन या पानी का सेवन बिल्कुल भी ना करें।
  • ग्रहण के समय स्नान पूजा भोजन बनाना आदि काम ना करें
  • अगर आप सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ अच्छा करना चाहते हैं तो अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप करें या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
  • ग्रहण के दौरान जपा हुआ मंत्र बहुत ही प्रभावी और शीघ्र सिद्ध हो जाता है।
  • अगर आप चाहते हैं कि सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचना तो जितना हो सके उतना महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें


क्यों लगता हैं सूर्य ग्रहण ?
पृथ्वी सूर्य के चारों  तरफ चक्कर लगाती रहती है इस दौरान जब सूर्य और पृथ्वी के बीच  में  चंद्रमा आजाता है तो सूर्य पृथ्वी को दिखाई नहीं देता और सूर्य ढकने लग जाता है इसी को ही सूर्य ग्रहण कहा जाता हैं।

सूर्य ग्रहण तीन तरह से लगता हैं 

आंशिक सूर्यग्रहण,पूर्ण सूर्यग्रहण,वलय सूर्यग्रहण

आंशिक सूर्यग्रहण सूर्य का एक भाग जब चन्द्रमा की छाया में छीप जाता है  जिसके कारण सूर्य का कुछ ही हिस्सा देखने को मिलता हैं तो उसे आंशिक ग्रहण कहते हैं

पूर्ण सूर्य ग्रहण उसे कहते है जब सूर्य पूर्ण रूप से कुछ समय के लिये चन्द्रमा की छाया के पीछे ढक या छीप  जाता हैं  जिसके करण पृथ्वी पर सूर्य की किरने नहीं पहुचती उसी को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है

वलय सूर्यग्रहण जब चन्द्रमा सूर्य के सिर्फ बीच का भाग ही ढक पाता है और सूर्य के बाहर का हिस्सा ही दिखाई देता है उसे वलय सूर्यग्रहण कहते है 


सूर्य ग्रहण में क्या करे? कब हैं सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण में क्या करे? कब हैं सूर्य ग्रहण Reviewed by Ourbhakti on December 21, 2019 Rating: 5

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