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surya ko arghya kyse de | सूर्य को अर्घ कैसे दे सम्पूर्ण जानकारी

Surya ko argha kyse de | सूर्य को अर्घ कैसे दे सम्पूर्ण जानकारी 

बहुत लोगों को पता ही नहीं हैं सूर्य को अर्घ कैसे देना चाहिये (surya ko arghya kyse de) सूर्य की वजह  से ही संसार में प्रकाश है सूर्य है तो दुनिया में उजाला है सूर्य  ही दिन और रात हैं।

 समस्त ज्योतिष की गणना भी सूर्य से  होती है न जाने हम सूर्य को ठीक करने के लिए उसका सकारात्मक प्रभाव लेने के लिए बहुत सारे उपाय करते हैं उनमें से एक उपाय है सूर्य को अर्घ देना (surya ko arghya.) जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में सूर्य को जल चढ़ाना कहते हैं

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 यदि आप भी जानना चाहते हैं सूर्य को जल किस प्रकार अर्पण किया जाता है हम जिस प्रकार से सूर्य को जल

चढ़ाते हैं क्या वह तरीका सही है?

क्या होता है सूर्य को जल चढ़ाने से  यह सब बातें जानने के लिए आपको यह लेख पूरा पढ़ना होगा।

Surya ko arghya kaise de ki jankari | सूर्य को अर्घ्य कैसे दे की जानकारी 

संसार में सूर्य का महत्व- इस धरती में सभी प्रकार की ऊर्जा और प्रकाश का मुख्य स्रोत है  सूर्य अगर सूर्य ना

हो तो पूरी दुनिया अंधकारमय हो जाएगी हमारा शरीर किसी काम का नहीं रहेगा ।पेड़ पौधे फल और समस्त

प्रकार की वनस्पतियां अपना काम करना बंद कर देगी धरती में अन्न का उपजाऊ नहीं होगा कुछ ही दिनों में

सृष्टि में प्रलय आना शुरू हो जाएगा।

कुछ भी हो हमें सूर्य ग्रह से लाभ तो लेना ही पड़ेगा सूर्य को बहुत सारे तरीकों से सकारात्मक बनाया जा सकता है

लेकिन उनमें से सबसे कारगर और सटीक तरीका है सूर्य को प्रतिदिन जल चढ़ाना जिसको हम सूर्य को अर्घ देना

भी कहते हैं  ।


क्या है सूर्य को अर्घ्य देने का मतलब- प्रातः काल जब हम नहा धोकर  सूर्य को देखते हुए  विशेष मंत्र का

उच्चारण करते हुए जब हम सूर्य को जल चढ़ाते हैं उसी को ही सूर्य अर्घ कहते हैं।

भारतीय ज्योतिष में यह भी मान्यता है कि जो व्यक्ति रोज सुबह सूर्य को जल देता है उसका सूर्य ग्रह तो  मजबूत

होता ही है साथ में और ग्रह भी मजबूत हो जाते हैं। बस हमें नियमित रूप से ईमानदारी से रोज सूर्य को जल

चढ़ाना है।

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कैसे होते हैं सभी ग्रह ठीक- आपने गौर किया होगा जब भी बारिश और धूप एक साथ होती है तो उस समय

एक सात रंगों वाला इंद्रधनुष निकलता है । ठीक ऐसा ही आप जब सूर्य को  जल चढ़ाते हैं उसी समय जल का

और पानी का संबंध एक साथ होने से  सात प्रकार  के रंग निकलते हैं  जो  7 ग्रहों से संबंध रखते हैं इस प्रकार

रंगों के माध्यम से भी  सभी ग्रह ठीक हो जाते हैं।

surya ko arghya dene ka sahi tarika kya hain | सूर्य को अर्घ्य देनेका सही तरीका क्या हैं 


सूर्य को जल चढ़ाने का नियम- सूर्य को जल बहुत तरीकों से चढ़ाया जा सकता है आप सूर्य को किसी नदी में

 नहाते हुए भी जल चढ़ा सकते हैं, किसी तालाब में नहाते हुए भी दे सकते हैं या आप सूर्य को जल अपने घर में

भी दे सकते हैं यह सब बातें देश काल और परिस्थिति पर निर्भर करती है।

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सूर्य को जल चढ़ाने का सही समय- हमारे हिंदू धर्म और विज्ञान कहता है कि सूर्य को जल चढ़ाने का सही

समय सुबह का होता है जब सूर्य उग रहा होता है जिसमें हल्की लालिमा सी होती है उस समय दिया हुआ सूर्य

अर्घ्य सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। जब धीरे धीरे सूर्य की रोशनी चुभने लगे गर्मी का एहसास होने लगे  तब

सूर्य को जल जल नहीं देना चाहिए ।

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जब भी आप सूर्य को अर्घ्य दें  सिर के ऊपर से दें बहुत सारे हमारे भाई बहन जब सूर्य को अर्घ देते हैं पानी का

लोटा सिर्फ छाती तक ही लाते हैं ऐसा करने से हमें कोई लाभ नहीं मिलता!  सूर्य को जल हमेशा सर के ऊपर

 से चढ़ाना चाहिए ।

सूर्य अर्घ्य देते समय कौन से कपड़े पहने- वैसे तो सूर्य अर्घ्य देते समय हमें सबसे पहले नहा धोकर स्वच्छ होना

 जरूरी है और नंगे बदन ही हम सूर्य को जल अर्पण करेंगे तो इसका लाभ हमें ज्यादा मिलेगा अगर ऐसा संभव

ना हो तो आप अपने शरीर में सफेद वस्त्र धारण करके भी सूर्य को जल चढ़ा सकते हैं क्योंकि सफेद कपड़े में ही

सातों रंग मेल खाते हैं।

किस लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं- एक बार तो हमें ऐसा लगा कि यह बात बताना जरूरी नहीं फिर भी बहुत

सारे भाई बहनों के दिमाग में  यह शंका  रहती है कि हम सूर्य को किस प्रकार के लोटे से जल चढ़ाएं!

 लोहे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं या तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं आखिर किस धातु के बने हुए बर्तन से

 हम सूर्य को जल चढ़ाएं?वैसे तो सूर्य को अर्घ ताम्बे के लोटे से देना चाहिए  अगर ताम्बे का लोटा नहीं हैं तो आप

किसी और धातु का भी उपयोग कर सकते हैं ।


सूर्य अर्घ देते समय सावधानियां- 


  • जब आप सूर्य को अर्घ दे उस समय ध्यान दें कि वह जल व छींटे आपके पैरों पर ना गिरे इससे बचने के लिए आप नीचे कोई बर्तन या बाल्टी आदि  रख सकते हैं।
  • सूर्य को जल हमेशा सुबह 7:00 बजे से पहले दे। 
  • जो लोग नित्य सूर्य को जल देते हैं उन्हें अपने पिता का ज्यादा सम्मान करना चाहिए। 
  • सूर्य की रोशनी जब आंखों को चुभने को चुभने लगे तब उस समय सूर्य अर्घ नहीं देना चाहिए।
  • सूर्य को जल देते समय ॐ श्री सूर्याय नमः का जाप जरूर करें ।
  • सूर्य को जल चढ़ाने के बादअगर आप सूर्य के मंत्रों का जाप करते हैं तो इससे आपको बहुत जल्दी ज्यादा लाभ मिलेगा।


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सूर्य को जल चढ़ाने का मंत्र- ॐसूर्याय नम: ॐ भास्कराय नम: ॐआदित्याय नम: ॐ दिवाकराय नमः 

ॐ ऐही सूर्य सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।

 सूर्य को जल चढ़ाते समय जल में क्या मिलाए- बहुत सारे लोग सूर्य को जल चढ़ाते समय अलग-अलग प्रकार

के रंगों का प्रयोग करते हैं वह इसीलिए करते हैं क्योंकि इन्हीं रंगों का संबंध हमारे शरीर और ग्रहों से है ।

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