मा सरस्वती की कुछ विशेष बातें,about saraswati mata

माँ सरस्वती

सरस्वती देवी को ज्ञान,कला,और स्वर की देवी माना जाता है।
धर्म ग्रंथों में सरस्वती माँ को ब्रम्हा जी की मानस पुत्री की संज्ञा दीगई है।लेकिन कई स्थानो में इन्हें ब्रम्हा जी की पत्नी के रूप में भी दिखाया गया है।प्रत्येक वर्ष की माघ शुक्ल पंचमी(वसंतं पंचमी)को देवी सरस्वती की स्कूलो में,कॉलेज में ,यूनिवर्सिटी  में विशेष पूजा होती है।
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सरस्वती की जन्म कथा


ब्रम्हा जी ने सारे संसार की रचना कि, उस समय धरती पर उदासी का माहौल था ।पृथ्वी के उदासी के वातावरण को सुखमय बनाने के लिए ब्रम्हा जी ने अपने मुख से एक सुंदर कन्या को प्रकट किया।जिनको हमलोग आज सरस्वती माँ कहते
 है। सरस्वती की हाथो में वीणा थी जैसे ही देवी सरस्वती ने वीणा बजाना शुरू किया तो पूरी पृथ्वी खुशी से झुमने लगा तभी से वसंत पंचमी में सरस्वती की पूजा होने लगी।

ब्रम्हा और सरस्वती का संबंध

ब्रम्हा जी ने सरस्वती को अपने मुख से प्रकट किया फिर तो ये ब्रम्हा की पुत्री हुई लेकिन भाग्यवश ब्रम्हा जी को ही सरस्वती का पति माना जाता है ।अपनी ही पुत्री से विवाह करने और अपनी ही पुत्री पर कुदृष्टि डालने के कारण ब्रम्हा जी की पूजा सभी जगह में नही होती है।

सरस्वती का परिवार

अपने मुख से जब ब्रम्हा जी ने जब सरस्वती को प्रकट कीया तो ब्रम्हा जी सरस्वती की सुंदर रूप को देखकर मोहित होगये फिर ब्रम्हा जी ने सरस्वती से विवाह करलिया।
ब्रम्हा जी और देवी सरस्वती का एक पुत्र है जिनका नाम "स्वयंभू मनु" है

सरस्वती से जुड़ी कुछ बाते

* देवी सरस्वती का विवाह अपने ही पिता ब्रम्हा जी से हवा था।
*सरस्वती का वाहन मोर और हंस है।
* सरस्वती स्वर ,बिद्या और ज्ञान की देवी है।
*बिष्णु जी के कारण ही सरस्वती मा ,सरस्वती नदी बनी थी।

सरस्वती जी अन्य नाम इस प्रकार है

शारदा,शतरुपा,वाणी,भारती, सरस्वती,वाग्देवी आदि।

सरस्वती मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
                                                          धन्यबाद.......
         
मा सरस्वती की कुछ विशेष बातें,about saraswati mata मा सरस्वती की कुछ विशेष बातें,about saraswati mata Reviewed by Ourbhakti on July 23, 2018 Rating: 5
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