यमराज से क्यों डरते हो?

यमराज से क्यों डरते हो?

        ये नाम सुनते ही बहुत सारे लोगों के  मन मे एक डर सा छा जाता है मन में कुछ घबराहट सी होती है।तो चलिये आज हम यमराज के बिषय में कुछ जानने का प्रयास करते है कि क्या कहते है हमारे ग्रंथ।दोस्तो यमराज को मृत्यु का देवता कहा जाता है।ये दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते है।यमराज किसी को डराते नही है बल्कि लोगों के द्वारा  किये गए अच्छे बुरे कामो का हिसाब करके उन्हें सजा देते है। इसका मतलब ये हुवा जिसने अच्छा काम किया उसको अच्छा फल मिलेगा और जिसने बुरा काम किया उस को सजा मिलेगी ।इसलिए इन्हें धर्मराज भी कहते है। भगवान सूर्यदेव के पुत्र माने जाने वाले यमराज की पूजा नरक चतुर्दशी के दिन विशेष रूप से कीजाती है।

 यमराज की जन्म कथा

यमराज से क्यों डरते हो?
हिन्दू धर्म ग्रंथ मार्कण्डेय पुराण के अनुसार विष्वकर्मा की पुत्री संज्ञा ने विवाह करने के बाद जब सूर्यदेव को देखा तो भय के मारे अपनी दोनो आँखे बंद करली तब सूर्य देव ने उन्हें श्राप दिया ।सूर्य के श्राप से ही देवी संज्ञा ने  लोगो के प्राण हारने वाले विराट पुत्र यमराज को जन्म दिया।

यमराज का परिवार

यमराज के माता का नाम संज्ञा है और पिता का नाम सूर्य।
सूर्यदेव के पुत्र होने के साथ साथ यमराज शनि के भाई भी है।
यमराज की पत्नी का नाम यमी है।इनकी बहन का नाम यमुना और भाई का नाम श्राद्धदेव मनु है।

कल्याणकारी यमराज का मंत्र

सभी प्रकार के भय को दूर करने के लिये ,अपना समय अनुकूल बनाने के लिये,अपने शरीर के आलस्य को भगाने के लिये यम के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
।।ॐ सूर्यपुत्राय विद्महे महाकालाय धीमहि तन्नो यम:प्रचोदयात्।।

यमराज से जुड़ी बातें
यमराज दक्षिण  दिशा के स्वामी है।
इनका निवास स्थान यम लोक है।
इनके शस्त्र गदा है।
ये भैस पर सवारी करते है।
यम राज लोगो के प्राण हरकर उनको सजा देते है।
ऐसी मान्यता है जो लोग कार्तिक महीने में यमराज को दीप दान
करते है ,उन्हें यमराज कभी परेशान नही करते।
                                                                 धन्यबाद.....