काली पूजा से पहले जानले ये बातें,before kali puja

मां काली नव दुर्गा में से एक है , माता काली का स्वरुप देखने में भयानक लगता है, मां काली दिखने में जितनी भयानक लगती  है उतनी ही जल्दी भक्तों पर प्रसन्न भी हो जाती है | ऐसा माना जाता है जो भक्त पूरी श्रद्धा से माँकाली की पूजा करते  है उन पर मां शीघ्र प्रसन्न हो जाती है।


मां काली का जन्म कैसे हुआ 


लिंग पुराण में एक कथा आती है दारूक नाम का एक राक्षस था जो सभी को सताया करता था , उसके आतंक से भयभीत होकर सभी  देवता कैलाश पर्वत चले गए फिर सभी देवताओं ने भगवान शंकर से अपनी समस्या को कहा , भगवान शंकर ने थोड़ा मुस्कुराते हुए मां भगवती की और देखा। फिर माता पार्वती ने अपने अंश को भगवान शंकर के कंठ में प्रवेश कराया । भगवान शंकर के कंठ में विष था इसीलिए एक भयंकर शक्ति का जन्म हुआ जिनको हम लोग मां काली के नाम से जानते हैं।
फिर मां काली ने उस दारुक नामक राक्षस का अंत कर दिया इस प्रकार इस प्रकार मां काली का जन्म हुआ।

also readदीपावली में दिया क्यों जलाते है

मां काली के जन्म के पीछे और भी कथाएं हैं


Kali puja
माँ काली
एक कथा मारकंडेय पुराण में आती है ।  शुंभ और निशुंभ नाम के दो राक्षस थे उन राक्षस के आतंक से भयभीत होकर देवताओं ने देवी की स्तुति की फिर मां पार्वती के शरीर से कौशिकी उत्पन्न हो गई जिसके पृथक होते ही पार्वती का स्वरूप काला हो गया इसीलिए मां पार्वती काली  के नाम से भी विख्यात हुई।

मां काली से जुड़ी अन्य बातें


मां काली आदि शक्तियों का ही एक स्वरुप है
मां काली के चार रूप 1 दक्षिणा काली,2 स्मशान काली,3 मात्री काली,4 महाकाली

क्यों माता काली ने रखा भगवान शंकर के ऊपर पैर


मां काली  ने आखिर क्यों रखा भगवान शंकर के ऊपर अपना पैर? मां काली का अवतार ही राक्षसों के सर्वनाश करने के लिए हुआ है मां काली का क्रोध इतना भयंकर है कि उनसे सभी भयभीत हो जाते हैं, मां काली के क्रोध को शांत करने के लिए ही भगवान शंकर पृथ्वी लेट गए थे । माँ काली  ने रक्तबीज नामक दैत्य को मार डाला था  फिर भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ तब  भगवान शिव पृथ्वी पर लेट गए और  माता काली ने शिव के ऊपर पैर रखा तब जाकर  उनका क्रोध शांत हुआ।
also read our full site

ऐसे करें मां काली की पूजा


बहुत सारे लोग मां का स्वरूप देखते ही डर जाते हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए । माकाली तो भक्तों के ऊपर कृपा करती हैं उनकी रक्षा करती हैं और सभी प्रकार के मनोरथ को पूरा करती है । जिस प्रकार से हम अन्य देवी देवताओं का पूजन करते हैं ठीक उसी प्रकार से पूजन करें मां काली को लाल  रंग का पुष्प और काले रंग का कपड़ा बहुत प्रिय है। मां काली का सामान्य पूजन तो कोई भी कर सकता है परंतु एक विशेष पूजा और है इसको कहते हैं तंत्र पूजा तंत्र पूजा का बहुत बड़ा महत्व है ऐसी मान्यता है की तंत्र पूजा बिना गुरु के संरक्षण में कभी नहीं करना चाहिए वरना इससे हानि भी होती है। माँ काली का विशेष पूजन मध्य रात्रि में होता है।

दोस्तों अगर आपलोगों का अगर कोई सवाल या सुझाब हो कृपया कमेंट बॉक्स में लिखे  या कांटेक्ट अस में जाकर हम से संपर्क करसकते हे एसे हे रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए कृपया हमें फोलो करे ।
                                                                                                                                                धन्यबाद
काली पूजा से पहले जानले ये बातें,before kali puja काली पूजा से पहले जानले ये बातें,before kali puja Reviewed by Ourbhakti on October 28, 2018 Rating: 5
Powered by Blogger.