kali puja करने से पहले जाने माता काली की शक्तियों को - Our bhakti- ज्योतिष,राशिफल,व्रतकथा,हिन्दु धर्म,

Latest

Our bhakti- ज्योतिष,राशिफल,व्रतकथा,हिन्दु धर्म,

ourbhakti.com - पर आपका स्वागत हैं यहाँ से आप हिन्दू धर्मं से सम्बंधित जानकारी जैसे ज्योतिष विज्ञान ,पूजा पाठ ,ग्रह शांति , हवन ,व्रत कथा ,वास्तु ,राशिफल, साथ ही सनातन धर्मं की रोचक जानकारी पा सकते हैं ।

kali puja करने से पहले जाने माता काली की शक्तियों को

 kali puja करने से पहले जाने माता काली की शक्तियों को 


काली कौन है? kali puja कैसे करे kali का जन्म कैसे हुआ?क्यों रखा माँ kali ने भगवन शिव के ऊपर पैर? इतनी शक्तिया इनके पास कहा से आई? kali puja kaise kare इनसब बातों को जानना हमारे लिये बहुत आवश्यक हैं 
मां काली नव दुर्गा में से एक है , इनका  स्वरुप देखने में बहुत भयानक लगता है मां काली दिखने में जितनी भयानक लगती  है उतनी ही जल्दी भक्तों पर प्रसन्न भी हो जाती है | ऐसा माना जाता है जो भक्त पूरी श्रद्धा से maa kali ki puja पूजा करते  है उन पर मां शीघ्र प्रसन्न हो जाती है।

kali ka janma kaise huwa|मां काली का जन्म कैसे हुआ 

 kali puja करने से पहले जाने माता काली की शक्तियों को

लिंग पुराण में एक कथा आती है दारूक नाम का एक राक्षस था जो सभी को सताया करता था उसके आतंक से भयभीत होकर सभी देवता कैलाश पर्वत चले गए फिर सभी देवताओं ने भगवान शंकर से अपनी समस्या को कहा

भगवान शंकर थोड़ा मुस्कुराते हुए मां भगवती की और देखा फिर माता पार्वती ने अपने अंश को भगवान शंकर के कंठ में प्रवेश कराया । भगवान शंकर के कंठ में विष था इसीलिए एक भयंकर शक्ति का जन्म हुआ जिनको हम मां काली(ma kali) के नाम से जानते हैं। फिर काली ने उस दारुक नामक राक्षस का अंत कर दिया इस प्रकार माता काली का जन्म हुआ।



maa kali janma ki aurkathaye | मां काली के जन्म की  और कथाएं 

एक कथा मार्कंडेय पुराण में आती है ।  शुंभ और निशुंभ नाम के दो राक्षस थे उन राक्षस के आतंक से भयभीत होकर देवताओं ने देवी की स्तुति की फिर मां पार्वती के शरीर से कौशिकी उत्पन्न हो गई जिसके पृथक होते ही पार्वती का स्वरूप काला हो गया इसीलिए मां पार्वती काली  के नाम से भी विख्यात हुई।

काली के चार रूप

मां काली आदि शक्तियों का ही एक स्वरुप है इनके चार रूप हैं

  1.  दक्षिणा काली
  2.  स्मशान काली,
  3.  मात्री काली
  4.  महाकाली


क्यों माता काली ने रखा भगवान शंकर के ऊपर पैर

मां काली  ने आखिर क्यों रखा भगवान शंकर के ऊपर अपना पैर? मां काली का अवतार ही राक्षसों के सर्वनाश करने के लिए हुआ है मां काली का क्रोध इतना भयंकर है कि उनसे सभी भयभीत हो जाते हैं, मां काली के क्रोध को शांत करने के लिए ही भगवान शंकर पृथ्वी लेट गए थे । माँ काली  ने रक्तबीज नामक दैत्य को मार डाला था  फिर भी उनका क्रोध शांत नहीं हुआ तब  भगवान शिव पृथ्वी पर लेट गए और  माता काली ने शिव के ऊपर पैर रखा तब जाकर  उनका क्रोध शांत हुआ।
also read our full site

kali puja kaise kare |  काली की पूजा कैसे करे 


बहुत सारे लोग मां का स्वरूप देखते ही डर जाते हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए  माकाली तो भक्तों के ऊपर कृपा करती हैं उनकी रक्षा करती हैं और सभी प्रकार के मनोरथ को पूरा करती है।

जिस प्रकार से हम अन्य देवी देवताओं का पूजन करते हैं ठीक उसी प्रकार से पूजन करें मां काली को लाल  रंग का पुष्प और काले रंग का कपड़ा बहुत प्रिय है।

 मां काली का सामान्य पूजन तो कोई भी कर सकता है परंतु तंत्र पूजा का बहुत बड़ा महत्व है ऐसी मान्यता है की तंत्र पूजा बिना गुरु के संरक्षण में कभी नहीं करना चाहिए वरना इससे हानि भी होती है। माँ काली का विशेष पूजन मध्य रात्रि में होता है।

दोस्तों अगर आपलोगों का अगर कोई सवाल या सुझाब हो कृपया कमेंट बॉक्स में लिखे  या कांटेक्ट अस में जाकर हम से संपर्क करसकते हे एसे हे रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए कृपया हमें फोलो करे ।
                                                                                                                                                धन्यबाद
tag-kali puja, kali puja kaise kare, मां काली