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चुटकियों में समाप्त होगी समस्या hanuman ke 12 nam के जप से

hanuman  ke 12 nam ka arth aur jap vidhi | हनुमान के १२ नाम का अर्थ और जप विधि 

जहां हनुमान जी का नाम आता है वहां से सभी दुख दूर भाग जाते हैं इस दुनिया में सभी के पास कोई न कोई समस्या है लेकिन जो भक्त हनुमान जी के  बारह नाम (hanuman ke 12 nam) का रोज सुबह शाम एक बार जप करता है उसके सभी दुख कष्ट दूर हो जाते हैं

 हमने पहले भी हनुमान जी से संबंधित बहुत सारी पोस्ट लिखी हुई है आप उनको भी एक बार अवश्य पढ़ें जैसे  हनुमान की सबसे प्रिय सामग्री क्या है, हनुमान चालीसा पढ़ने से किस प्रकार का फायदा मिलता है? बजरंग बाण के क्या फायदे हैं  हनुमान जयंती क्यों और कैसे मनाते हैं  चलिए आज हम जानते हैं हनुमान के 12 नाम क्या-क्या हैं और इनको किस प्रकार जपना चाहिए साथ ही हनुमान जी के द्वादश नामों की क्या महिमा है।

hanuman ke 12 nam


पवनपुत्र  हनुमान  वाल्यकाल मैं ही बहुत  होनहार  नटखट और चुतुर थे  हनुमान  जी ने  बचपन  मे  ही  भगवान्  सूर्य  को कैसे  एक रसीला फल समझकर खाने  दौड़े  और  अंजनी सूत  मुर्छित होकर जमीन  में  गिर पड़े   हनुमान  इतने महान  कैसे हुये  इस  संसार  में  किसी की पहचान  होती हैं  तो  सिर्फ  उसके किये  हुये  काम  के कारण अच्छे काम से ही नाम यश  मिलता हैं  रामायण के  प्रमुख  पात्र  मैं हनुमान का नाम सबसे  उचा हैं  हनुमान के  १२ नाम और उनका अर्थ  जानकार आपको बहुत प्रसन्नता होगी  साथ ही आपकी  हनुमान  के  प्रति और ज्यादा आस्था बढ़ेगी 

hanuman ke 12 nam arth sahit aur unka jap vidhi | हनुमान के १२ नाम अर्थ सहित और उनका जप विधि  

हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:। रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिङ्गाक्षोऽमितविक्रम:।।

उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशन:। लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।

एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:। स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।

तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भेवत्। राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।

hanuman ke 12 nam arth sahit aur unka jap vidhi


हनुमान  के 12  नाम  और उनका अर्थ  ,hanumanji ke 12 naam aur unka arth

  1. पहला नाम हनुमान हैं 
  2. अंजनी सूत, (माता अंजनी के पुत्र
  3. वायुपुत्र, (पवनदेव के पुत्र)  
  4. महाबल, (एक ही हाथ से पहाड़ उठाने  वाले और एक ही छलांग में समुद्र पार करने वाले महाबली हनुमान 
  5. रामेष्ट (भगवान् राम जी के सबसे प्रिय भक्त )
  6. फाल्गुनसख (धनुर्धर अर्जुन के मित्र)
  7. पिंगाक्ष (भूरे आख वाले) 
  8. अमितविक्रम ( वीरता की साक्षात मूर्ति अर्थात  सबसे  महान  किसी से न डरने वाला)
  9. उदधिक्रमण (विशाल समुद्र को लांघने वाले)
  10. सीताशोकविनाशन (सीताजी के दुःख चिंता को नाश करने वाले)
  11. लक्ष्मणप्राणदाता (मुर्छित लक्ष्मण के  लिये  संजीवनी बूटी बूटी  लाकर  जीवित करने वाले) 
  12. दशग्रीवदर्पहा (१० शिर वाले रावण के घमंड को चूर करने वाले) 

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किसी का मन बहुत ज्यादा घबराता हो कही रास्ते में चलते  हुये  वाहन दुर्घटना  होने  का डर रहता हो अज्ञात शत्रु  का भय  हो  तो  ये हनुमान के १२ नाम  का जप करने  से आपकी ये सारी परेशानि  चुटिकी  में दूर हो जायेगी 

hanuman ke 12 namo ko kaise jape | हनुमान के १२ नामों को कैसे जपे

कोई भी काम इतना आसान नहीं हैं अब रही बात इनके १२ नाम की तो मैं आपको बतादू इन नामों की शुरुवात आपको प्रातः काल से करना होगा सुबह नित्य कर्म से निवृत होने के बाद घर के मंदिर में बैठकर अगर संभव होतो कुश के आसन में बैठना चाहिये मंदिर में हनुमान की मूर्ति या फोटो अवश्य रखे एक लोटे में जल भरकर ईशान कोण(पूर्व और उत्तर के मध्य ) में रखे चमेली के तेल का दीपक जलाये फिर हनुमान को सिंदूर और प्रसाद चढ़ाकर कुछ देर शांत बैठे फिर हनुमान के १२ नामों(hanuman ke 12 nam) को कम से कम १०८ या २१ बार जपे फिर अपने कामपे लग जाये एसा रोज करने का प्रयास करे आपको तीसरे दिन से ही फर्क दिखने लगेगा 

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