विश्वास क्या हे ? विश्वास का अर्थ क्या होता हे? | what is belief ?

"विश्वास क्या हे" what is belive?यदि किसी के प्रति हम विश्वास करे तो क्यों करे ?

विश्वास क्या हे? विश्वास का अर्थ क्या होता हे? यदि किसी के प्रति हम विश्वास करे तो क्यों करे? क्या यह दुनिया विश्वास के उप्पेर टिकी हुई है ?

न जाने एसे बहुत सारे सवाल हमारे मन में आते रहते हे इन्सान का स्वभाव ही होता हैं कुछ न कुछ जानना कुछ नया सिखना,हमरे मन में बहुत किस्म के तरह तरह के सवाल आते रहेते हैं 

आज हम बात करेंगे विश्वास के विषय में यह जानने का प्रयास करेंगे की विश्वास क्या हैं?विश्वास क्यों हे विश्वास कैसे हे?

विश्वास का अर्थ होता है मानना

विश्वास का अर्थ होता हैं मन की मजबूती,विश्वास का अर्थ होता हे आत्मबल,विश्वास का अर्थ होता हैं जानना समझना ,विचार करना अपने ज्ञान का सदुपयोग करन 

यदि हमारे अंदर ये सारे गुण मौजूद है तो हम सौ लोगो के बीच में भी कुछ अलग ही दिखते हैं विश्वास वह चाबी है जिसके चलते हम बड़े बड़े काम बड़ी आसानी से कर जाते हैं

नहीं तो हर कोई यही कहेगा भगवान् मुझे ही दुःख क्यों देता हैं   विश्वास के ठीक विपरीत जितने भी चीजे हैं वह हमारे आत्मा को,हमारे विश्वास को,हमारे मन को कमजोर कर देते हैं जैसे – अहंकार ,शंका ,गुस्सा ,डर ,यह सब चीज विश्वास के विपरीत हैं
विश्वास क्या हे ? विश्वास का अर्थ क्या होता हे? | what is belief ?
विश्वास क्या हे

Story of belief | विश्वास की कहानी

विश्वास को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती अगर हमें किसी के प्रति विश्वास है तो है! हमसे हमारे विश्वास को कई नहीं छिन सकता चलिये इसको एक कहानी के माध्यम से समझते हैं 

 एक बहुत बड़े ज्ञानी पंडित जी थे रोज सुबह से शाम तक प्रभु का भजन करना मंदिर में पूजा करना ध्यान करना अपनी मस्ती में मस्त रहते थे किसी से कोई मतलब नहीं

पंडित जी का एक नियम था कि दिन भर में जो कुछ उनको मिल जाता था उसे स्वीकार करते थे और रात को जो भी कुछ मिला सब दूसरों को  बांट देते थे।

उनका यह कहना था बचाने का मतलब है भगवान् से होशियारी दिखाना  कल के लिए सोचना क्या पता भगवान है या नहीं जब हमें भगवान् पर विश्वास न हो तब हम कल की सोचते हैं 

पंडित जी को अपने जीवन से कोई शिकायत नहीं थी एक दिन पंडित जी अचानक बीमार पड़ गये उनकी पत्नी घबरा गई मन ही मन सोचने लगी अब मेरे पति मर जाएंगे! 

 पत्नी ने कुछ पैसे बचा के रखे थे ताकि कुछ आपदा आने पर वो पैसे काम आ सके पंडित जी को और ज्यादा तकलीफ़ होने लगी पंडित जी  घबराने लगे घबराते हुए पंडित ने अपनी पत्नी से कहा तुम ने कुछ बचा के रखा है क्या ?

पत्नीने डरते हुये अपने पति के सामने सब सच बोल दिया पत्नी ने कहा हा मैंने कुछ पैसे आपसे छुपाकर रखे हैं  फिर उस पंडित ने अपनी पत्नी से कहा  बाहर एक भिखारी आया है तुम उसको यह पैसे देदो

 मेरी रक्षा स्वयं भगवान करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है तुम मेरी चिंता मत करो जैसे ही पत्नी ने उस भिखारी को पैसे  दे दिए तो कुछ देर बाद पंडित जी को नीद आने लगी फिर उनका स्वास्थ ठीक हो गया

पंडित जी को विश्वास था मेरा कुछ नहीं है जो है सब परमात्मा का है भगवान का हैं मुझे कुछ नहीं होगा इसलिए वो अपना सब कुछ गरीबो में बाट देते थे इसे कहते हैं विश्वास की असली परिभाषा 

हमें क्या पता हमको जन्म देने वाले माता पिता कौन हैं ? वो तो हमारा विश्वास हैं लोगो की बातो पर अपने समाज पर वरना परवरिस तो कोइ भी कर सकता हैं

 एक छोटी सी चिटी को भी यह पता है की में अपने वजन से चार गुना भार उठाके अपनी मंजिल पा सकती हू
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विश्वास क्या हे ? विश्वास का अर्थ क्या होता हे? | what is belief ? विश्वास क्या हे ? विश्वास का अर्थ क्या होता हे? | what is belief ? Reviewed by Ourbhakti on January 18, 2019 Rating: 5

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