पुखराज रत्न:कब क्यों कैसे orange topaz ring


 Orange topaz ring |पुखराज  रत्न की सम्पूर्ण जानकारी

पुखराज रत्न देव गुरु बृहस्पति का रत्न है पुखराज रत्न गुरु से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं को दूर करता

है। पुखराज रत्न एक महंगा रत्न है। पुखराज रत्न को रत्नों का राजा भी कहते हैं। गुरु ग्रह का पुखराज रत्न सीधे

हमारे बुद्धि पर प्रभाव डालता है हमारे विचारों पर प्रभाव डालता है हमारे सोच पर प्रभाव डालता है हमारे

व्यवहारिकता पर प्रभाव डालता है । पुखराज वैसे तो बहुत सारे रंगों में पाया जाता है लेकिन वृहस्पति के लिए

जिस रंग का सबसे ज्यादा उपयोग होता है वह एक पीला पुखराज। बृहस्पति ग्रह से लाभ लेने के लिए पीले

पुखराज को सोने की अंगूठी में जुड़वा कर तर्जनी उंगली में पहनाया जाता है।
पुखराज रत्नकब क्यों कैसे orange topaz ring
पुखराज

orange topaz rin पुखराज  के लाभ

पुखराज रत्न पहनने से हमारे विचार पवित्र होते हैं हमारे अंदर एक आध्यात्मिक ऊर्जा का विकास होता है भय दूर

 हो जाता है विचार ज्यादा प्रगतिशील होते हैं उस व्यक्ति को यह पता लग जाता है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा

है। पुखराज रत्न यदि फायदा करें तो व्यक्ति ज्यादा धार्मिक प्रवृत्ति का होता है संस्कारवान होता है अपनों से बड़ों

की इज्जत करता है छोटे बच्चों को प्यार करता है समाज में उसकी प्रतिष्ठा बनी रहती है और सबसे बड़ी बात

पुखराज यह दिल आप करे तो व्यक्ति विद्वान ज्ञानी होता है।

orange topa loss पुखराज पहनने के नुकसान

पुखराज यदि नुकसान करे तो आपको पेट से संबंधित बीमारियां हो सकती, मोटापा बढ़ जाता है, पुखराज यदि

वाकई नुकसान करे तो व्यक्ति में संस्कार खत्म हो जाते हैं दूसरों को सताने लगता है हमेशा अपने ही मतलब की

 बात करता है अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए वह व्यक्ति किसी भी हद तक जा सकता है उसमें धार्मिक कार्य के

 प्रति बिल्कुल रुचि नहीं रहती।

किसको पुखराज पहनना चाहिए

ध्यान दें हम यहां पर सिर्फ लग्न के हिसाब से बात कर रहे हैं । ना की राशि इसका मतलब यह नहीं है कि आप

सीधा ही पुखराज रत्न धारण करें। मेष लग्न वाले पुखराज धारण कर सकते हैं, सिंह, धनु, कर्क, वृश्चिक और मीन

वाले पुखराज रत्न को धारण कर सकते हैं।

पुखराज किसको नहीं पहना चाहिए

यहां पर लग्न की बात हो रही है राशि कि नहीं मैं फिर बता रहा हूं। वृष कन्या मकर मिथुन तुला कुंभ लगना वाले

जातक पुखराज रत्न को कभी धारण ना करें। जो ज्यादा मोटे लोग हैं वह भी पुखराज रत्न को धारण ना करें, यदि

आप डिप्रेशन का भी शिकार हैं तो पुखराज रत्न को भूल कर भी ना पहने।

पुखराज के साथ कौन सा रत्न शुभ होता है

बहुत बार आप लोगों ने देखा होगा की कई लोग एक ही हाथ में बहुत सारे रत्न धारण करते हैं। वह इसलिए धारण
करते हैं की एक रतन के साथ दूसरा रत्न फायदा करता है दोनों मित्र ग्रह के रत्नों को भी एक साथ धारण किया

जा सकता है। ठीक इसी तरह पुखराज रत्न के साथ योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर मोती रत्न भी धारण किया जा

सकता है।


 रत्नों का हमारे जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है रत्न हमारे लिए एक वरदान है जिससे हमारे जीवन में

 बहुत बदलाव आ सकता है रत्ना हमारे जीवन की हर मुश्किल घड़ी को बदल सकता है हर प्रकार के दुख को

सुख में बदल सकता है ऐसी कोई समस्या नहीं जो रत्नों से सुलझाया न जा सके से सुलझाया न जा सके जा सके

 बस जरूरत है तो हमें इन रत्नों को बारीकी से समझने की । ऐसे कौन से ग्रह है जिसके कारण हमें इतना

तकलीफ हो रहा है और उस कराओके परिस्थितियों को देखते हुए यदि हम रत्न को धारण करें तो निश्चित ही

हमारा दुख दूर हो जाएगा।


रत्नों को लेकर लोगों में बहुत सारी भ्रांतियां हैं। अब इन भर्तियों को पैदा करने वाले

वाले वाले कुछ नाम मात्र के ज्योतिषी हैं जो यह दावा करते हैं। जिसके चलते जो लोग रत्ना धारण धारण करते हैं

उनको उस रत्नों का का सही परिणाम नहीं मिलता है जिसके कारण लोगों में भ्रांतियां पैदा हो रही है। लोगों में

रत्नों पर से धीरे-धीरे विश्वास उठता जा जा जा विश्वास उठता जा जा जा रहा है। पहले राजा महाराजा अपने मुकुट

में रत्नों को धारण करते थे उनके कुल गुरु गुरु या पुरोहित उनको अधिक मात्रा में रत्न धारण करवाते थे इसका

 कोई न कोई कारण तो रहा होगा उन राजा महाराजा शायद रत्न के महत्व को जानते थे।


उन राजा महाराजाओं के पास इतना समय नहीं होता था कि वह अपने लिए बैठकर पूजा पाठ मंत्र आदि का

सहारा ले इसीलिए प्रचुर मात्रा में रत्न को अपने शरीर में धारण किया करते थे।आज का दौर भी ठीक वैसा ही है

लोगों के पास खुद के लिए कुछ करने का समय ही नहीं है वह अपने काम में इतना व्यस्त होते हैं कि अपने लिए

 समय निकाल ही नहीं पाते इसीलिए कुछ नाम मात्र के ज्योतिषी पंडित इसका फायदा उठाते हैं और किसी को

भी कोई भी रत्न धारणकरवा करवाते देते हैं



 परिणाम स्वरूप उस को को उस को को रत्न धारण करने का फल नहीं मिलता है।रत्नों

को सही तरीके से समझने की जरूरत है है रत्न को धारण करने से पहले उस रतन के विषय में बारीकी से जानने

की भी आवश्यकता है। कई बार ज्योतिषी ज्योतिषी लोगों को धोखा भी देते हैं रत्नों की जगह ऊप रत्न धारण

करवा देते हैं जिससे उस रत्न का उसे उसे का उसे उसे फल नहीं मिलता ऊप रत्न उस व्यक्ति को धारण करना

 चाहिए जिसकी आर्थिक स्थिति कम हो जिसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह रत्न धारण कर सकें।





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