about hanuman- आखिर क्यों मूर्छित हुये हनुमान जानिए पूरा सच

      about hanuman- आखिर क्यों मूर्छित हुये हनुमान जानिए पूरा सच


  हनुमान को कौन नहीं जानता (about hanuman) हनुमान जी को भगवान शंकर का 11वा अवतार माना जाता है ।हनुमान जी भगवान श्री राम के अनन्य भक्तों में से एक है।हनुमान जी का जन्म एक वानर जाती में हुआ और हनुमान जी के माता का नाम अंजनी तथा पिता का नाम केशरी था।आज के इस लेख में हम  हनुमान जी की कुछ विशेष बातों पर चर्चा करेंगे और साथ ही हम लोग जानने का प्रयास करेंगे कि हनुमान जी का जन्म कैसे हुआ उनके जीवन में कौन-कौन सी घटनाएं घटित हुई और उनको इतनी सारी शक्तियां कहां से मिली।

About hanuman हनुमान क्यों मूर्छित हुए?

पवन पुत्र हनुमान जी का जन्म कैसे हुआ?

पवन पुत्र हनुमान के जन्म के पीछे पवनदेव यानी वायु देवता का भी योगदान रहा है  ।
हनुमान भी मूर्छित हुये थे जब,facts about hanumanइस के संदर्भ में हमारे धर्म ग्रंथों में एक छोटी सी कथा आती है। उस कथा के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ अपनी तीनों पत्नियों के साथ पुत्र प्राप्ति हेतु हवन कर रहे थे पूजा कर रहे थे। क्योंकि दशरथ का कोई भी पुत्र न था। जैसे ही राजा दशरथ ने अपने पूजन हवन आदि का कार्य संपन्न किया तो उनके गुरुदेव ने प्रसाद के रूप में तीनो रानियों में खीर बांट दिया और उस खीर का एक अंश एक कौवा अपने साथ ले गया। वह  कौवा उस जगह पहुच गया जहां अंजनी मां तपस्या कर रही थी। यह सब कार्य कौवा नहीं कर रहा था, जो भी कुछ हो रहा था वायु देव और भगवान शंकर की कृपा से हो रहा था। कौवा तो सिर्फ एक माध्यम था ।अंजनी माता ने जैसे ही अपने पास में खीर देखा तो उस खीर को माता अंजनी भगवान शंकर का प्रसाद समझकर खा गई ।उस प्रसाद के फलस्वरुप हनुमान जी का जन्म हुवा।

हनुमान जी बचपन में बहुत ही शरारत करते थे

बाल्यावस्था में हनुमान जी बहुत ही नटखट  और शरारती थे।
हनुमान जी छोटे बड़े  सभी को  परेशान करते थे ।सबसे ज्यादा शरारत तो जंगल में तपस्या कर रहे ऋषि-मुनियों को करते थे।
हनुमान जी की शरारत से सारे ऋषि मुनि बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे। फिर ऋषि मुनियों ने हनुमान जी को अपनी सारी शक्ति भूल जाने की श्राप दे दी और साथ ही यह भी कह दिया कि यह एक छोटा सा बालक है इसीलिए इसको छोटी सी सजा मिली है। इसकी शक्ति  तब वापस आएगी जब कोई सत्कार्य के लिए इसकी शक्ति को याद दिलाएगा ।हनुमान जी   अपनी सारी शक्तियो को बचपन में ही भूल चुके थे। जब माता सीता को खोजने की बात हुई तब जामवंत ने हनुमान जी को उनकी भूली हुई शक्ति का बोध कराया था।


सूर्य को फल समझ कर खाने गए थे हनुमान


रामायण के मुख्य पात्र के नाम और विवरण| Ramayan K Mukhya Patra Aur Vivaran

हनुमान जी की माता अंजना हनुमान  को बहुत प्रेम करती थी। हर वक्त हनुमान के साथ रहती थी एक दिन क्या हुआ हनुमान की माता अंजना हनुमान को छोड़कर फल लेने के लिए चली गई हनुमान जी को बहुत भूख लगी जैसे ही हनुमान ने ऊपर देखा तो उगता हुआ सूरज दिखाई दिया ।सूरज को देख कर हनुमान ने सोचा यह फल तो काफी मीठा है मैं इसे जरूर खाऊंगा और वह आकाश मार्ग में उड़ने लगे ।ठीक उसी समय राहु भी सूर्य के ऊपर ग्रहण लगाना चाहता था पर हनुमान ने ऐसा होने नहीं दिया हनुमान ने राहु को वहां से भगा दिया ।राहु डरते हुए वहां से भाग गया और सीधा देवराज इंद्र के पास चला गया और कहां की है देवराज इंद्र आपने मुझे अपनी भूख मिटाने के लिए सूर्य और चंद्रमा दिए थे आज अमावस्या का दिन है और मैं सूर्य को खाने के लिए गया था पर एक बंदर ने ऐसा होने नहीं दिया मुझे रोक लिया राहु की बात सुनकर देवराज इंद्र भी डर गए और क्रोधित भी हो गए। देवराज इंद्र ने हनुमान  के ऊपर वज्र  का प्रहार किया हनुमान मूर्छित हो गए यह देख कर वायु देव को बहुत ही क्रोध आया और उन्होंने अपनी वायु प्रवाह को रोक दिया ।इस के फलस्वरुप संसार का कोई भी प्राणी सांस नहीं ले सका पूरे संसार में त्राहि त्राहि मच गया। तब सभी देवी देवता ब्रह्मा जी के पास गए ब्रम्हा जी ने सभी देवी देवता  को लेकर वायु देव के पास गए। वायु देव अपने मूर्छित हुए हनुमान को गोद में लिए बैठे हुए थे। ब्रह्मा जी ने हनुमान को जीवित कर दिया। फिर हनुमान जी को आशीर्वाद दिया और उनका शरीर वज्र का हो ऐसा वरदान भि दिया ।ऐसे ही और देवी देवताओं ने हनुमान जी को आशीर्वाद दिए वरदान  दिए इसी के कारण हनुमान जी महाबली भि कहलाए।

यमराज से क्यों डरते हो?
about hanuman- आखिर क्यों मूर्छित हुये हनुमान जानिए पूरा सच  about hanuman- आखिर क्यों मूर्छित हुये हनुमान जानिए पूरा सच Reviewed by Ourbhakti on September 02, 2018 Rating: 5
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