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कालसर्प योग होने के १४ लक्षण | kaal sarp dosh hone ke 14 lakchan

kaalsarp dosh ke lakshan aur upay | काल सर्प योग के लक्षण और आसान उपाय 

kalsarp dosh ki jankari

 कालसर्प दोष के नाम पर सबसे ज्यादा डराया जाता हैं kalsarp dosh को लेकर क्यों इतना डरते हैं कहा से आया kalsarpa yog ? पाखंडी पंडित ज्यादा लोगो को डराते हैं वे  यहाँ तक कह देते हैं


 kalsarp dosh niwaran पूजा करा लो नहीं तो आपका बहुत बुरा होगा घर में कभी शांति नहीं होगी। या तो अन्य कोई कालसर्प योग के उपाय के नाम पर लोगों के जेब खाली कराते हैं।

सामान्य आदमी तो डर भी जाता हे क्यों की इस बात को इतना मिला के सटीकता से कहेते हे की सुनने वाला तो घबरा ही जाता हे फिर कुछ नाम के ज्योतिषी इसका फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते आज हम इस लेख के माध्यम से kalsarpa dosh के बिषय में पूरी जानकारी देंगे।

कालसर्प योग को जितना बड़ा बना दिया गया है वास्तव में वह उतना बड़ा नहीं हैं सर्प योग के विषय में बहुत ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर बातें कही जाती है। कालसर्प योग मतलब राहु और केतु के बीच में सभी ग्रहों का आ जाना।

 यदि राहु और केतु से एक भी ग्रह बाहर हो तो कालसर्प योग भंग हो जाता है जबकि कुछ नाम भर के ज्योतिषी और पंडित लोग तो यहां तक कह देते हैं की कुंडली में आंशिक कालसर्प दोष है अतः इसकी शांति कराइए।

कुंडली मे यह योग न होते हुए भी आंशिक कालसर्प योग का नाम दे दिया जाता हैं।ऐसा नही है कि यह योग नही होता! यह योग होता है बस हमे इसको सही से जानने की और समझने की जरूरत है।

हम आप को एक बात स्पस्ट बता दे  कालसर्प एक योग है न कि कोई दोष अगर हम प्राचीन ज्योतिष की पुस्तकों की बात कहें चाहे वह कोई भी पुस्तक हो यह बात नहीं लिखी है कि कालसर्प नाम का कोई योग होता है, यह योग तो हाल ही में प्रचलन में आया है।

क्या होता हे मांगलिक योग ?

 what is kalsarp dosh | काल सर्प दोष क्या हैं 


सामान्यतः राहु और केतु के बीच में सभी ग्रह आ जाने से कालसर्प योग नाम होता है इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है के जीवन में जो भी घटनाएं घट रही है जो भी मुश्किलें और दिक्कतें आ रही हैं उन सब के पीछे का कारण

 kalsarp dosh है! इसके अतिरिक्त कुंडली में और भी ऐसे बहुत सारे योग  होते हैं जिसके चलते व्यक्ति को समस्या का सामना करना पड़ता है हमें कालसर्प योग के साथ साथ और भी ग्रहों को देखना होता है तभी जाकर

यह पता लगता है समस्या किस वजह से आ रही है जिसको लोग kaal sarp dosh के नाम से जानते हैं वैसा कुछ होता नहीं है। वह तो सिर्फ एक राहु और केतु से  बनने वाला योग है, ज्योतिष में हजारों प्रकार के योग

होते हैं कोई अच्छे होते हैं और कोई योग  बुरे होते हैं जीवन में राहु और केतु समस्या दे सकते हैं इंकार नहीं किया जा सकता  क्योंकि राहु और केतु को शास्त्र में पौराणिक मान्यता भी मिली है और ज्योतिष की मान्यता भी मिली है।

यदि कुंडली में राहू और केतु की वजह से एसी समस्या आ रही है तो उसकी शांति किस प्रकार की जाये अब इस विषय पर बात करते हैं ।

कालसर्प योग  होने के १४ लक्षण | kaal sarp dosh hone ke 14 lakchan

  1. बुरे स्वप्ने  अधिक दिखाई देना 
  2. बार बार  स्वप्न में साँप का दिखाई देना।
  3. स्वप्न में साँप का डसना 
  4. स्वप्न में पेड़ से फल का गिरना 
  5. स्वप्न में पानी  में खुद को गिरता देखना 
  6. अधिक उल्टा होकर सोना 
  7. ठगी का शिकार होना 
  8. अपनी बात को दुसरे के सामने  रकने में असमर्थ रहना 
  9. अधिक महेनत के बाद भी मन मुताबिक सफलता न पाना।
  10. मानसिक तनाव 
  11. सही निर्णय लेने मे असमर्थ 
  12. परिवार के साथ विचार न मिलना 
  13. पिता के साथ विचार न मिलना 
  14. दोस्तों से धोका होना 

काल सर्प दोष के फायदे | kaal sarp dosh ke phayde

कालसर्प योग सभी को बुरा नहीं करता इसके अच्छे परिणाम भी मिलते हैं यह सभी को बुरा नहीं करता ऐसे बहुत सारे उदाहरण हैं जिनकी कुंडली में इस प्रकार के योग देखे गए हैं जैसे सचिन तेंदुलकर लता

काल सर्प दोष के फायदे | kaal sarp dosh ke phayde

मंगेशकर, धीरूभाई अंबानी इन सब की कुंडलियों में भी इस प्रकार के योग हैं जो कि बहुत अच्छे साबित हुए हैं दुनिया में इनका नाम है इन को कौन नहीं जानता इसलिए इस प्रकार के योग अच्छे भी होते हैं ।

 कहां से आया कालसर्प योग ? kaha se aaya kaalsarp dosh

इस बात को लेकर अनेक मत है की काल सर्प  वाली बात  कहा से शुरू हुवा फिर भी एसी मान्यता है यह कालसर्प दोष  दक्षिण भारत से शुरू हुआ है  पर ये सच है या झूट कोई नहीं जनता !

काल सर्प योग १२ प्रकार के होते हैं जो इस प्रकार हैं -


  1. अनंत कालसर्प दोष
  2. कुलीक कालसर्प दोष
  3. वासुकी कालसर्प दोष
  4. शंखफल कालसर्प दोष
  5. पदम् कालसर्प दोष
  6. महापदम कालसर्प दोष
  7. तक्षक कालसर्प दोष
  8. कर्कोटक कालसर्प दोष
  9. शंखनाद कालसर्प दोष
  10. घटक कालसर्प दोष
  11. विषधर कालसर्प दोष
  12. शेषनाग कालसर्प दोषऔर जानिए राहुकाल में कौन कौन से काम नही करना चाहिये 

kaal sarp dosh niwaran puja | कालसर्प दोष निवारण पूजा

काल सर्प दोष निवारण की शांति के लिए कई उपाए बताये गये हैं जो इस प्रकार हैं 

नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष की पूजा करें 
भगवान् शंकर की पूजा करे ।
हनुमान चालीसा का रोज पाठ करे ।
किसी नदी या सरोवर में जाकर भी काल सर्प योग की शांति कि जाती हैं ।
पंचधातु का नाग नागिन बनाकर उनकी पूजा करे और उसका दान करे 


अब तो आप को पता चल ही गया होगा kalsarp dosh के विषय में इससे से बिलकुल डरने की जरुरत नहीं है बस थोडा सा समझ ने की जरुरत हे।यदि हम जान के समझ के कोई काम करे तो जीवन की राह बहुत आसान हो जायेगी।

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