मंगल बुध गुरु शुक्र ग्रहों को शांति के बहुत सरल उपाय -ourbhakti


दोस्तों हमने पिछले पोस्ट में सूर्य और चन्द्र ग्रह के शांति के उपाय बताये थे। अगर आप लोगो ने वो पोस्ट नहीं पड़ा हैं तो यहाँ से पढ़ सकते हैं और जान सकते हैं की इन ग्रह को किस प्रकार ठीक किया जासकता हैं ।आज हम बात करेंगे की मंगल, बुध, गुरु, और शुक्र को किस प्रकार शांति किया जा सकता हैं।

मंगल,बुध ,गुरु ,शुक्र  ग्रह को ठीक करने का आसान उपाय

मंगल ग्रह को एक सेनापति के रूप में भी देखा जाता है यदि किसी का मंगल अच्छा हो तो उसको जीवन में तमाम सफलताएं मिलती है अगर किसी का मंगल बहुत ही ज्यादा बुरा हो तो उसको अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है आज हम आपको बताएंगे ।
मंगल बुध गुरु शुक्र ग्रहों को शांति के बहुत सरल उपाय -ourbhakti
ग्रह शांति के सरल उपाय 

मंगल ग्रह को शांत करने का अचूक उपाय


  मंगल ग्रह का दान मूंगा, सोना, तांबा, गेहूं, गुण, मसूर की दाल ,चाकू ,रक्त चंदन, रक्त वस्त्र।

तांत्रिक मंत्र ओम अंग अंगारकाय नमः।
 बीज मंत्र ओम हुम् श्रीम भौमाय नमः जप संख्या दस हजार बार बार गणेश पूजन सहित।
 हवन के लिए लकड़ी खयर ।
मंगल दशा में शांति के लिए मूंगा रत्न 8 रत्ती का सोने की अंगूठी में मंगलवार को अनुराधा नक्षत्र में मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।

बुध ग्रह की शांति के लिए


 दान योग्य सामग्री मूंगा , मांस, घी, हरा वस्त्र, कस्तूरी, कांच का बर्तन, कपूर ।
तांत्रिक मंत्र ॐ बूम बुधाय नमः।
 बीज मंत्र ओम श्रीम श्रीम बुधाय नमः जब संख्या 8000 बार विष्णु पूजन सहित।
 हवन समिधा अपामार्ग ।
बुध ग्रह की शांति के लिए पन्ना रत्न 3,6 रत्ती का सोने की अंगूठी में बुधवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में सबसे छोटी उंगली में धारण करना चाहिए।

 बृहस्पति ग्रह की शांति के लिए

 दान योग्य सामग्री चीनी, नमक, हल्दी, चने की दाल, पीला धान, पीला वस्त्र, पीला फूल, पुस्तक तथा घोड़ा।

 तांत्रिक मंत्र ॐ बृ बृहस्पतए नमः जप संख्या 19 हजार हजार बार अपने कुल देवता के पूजन सहित ।
हवन समिधा पीपल
बृहस्पति ग्रह के दशा के शांति लिए पीला पुखराज एक रत्ती का सोने की अंगूठी में बृहस्पतिवार को इसे पुष्य नक्षत्र में तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए।

शुक्र ग्रहकी शांति का उपाय 


दान योग्य वस्तु चावल ,श्रीखंड चंदन, सफेद वस्त्र, सोना, चांदी, हीरा, दूध, दही, सफेद फूल , सुगंधित द्रब्य , सफेद घोड़ा ।
तांत्रिक मंत्र ॐ शुं शुक्राय नमः।
 बीज मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।

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